आदरणीय मोदीजी ने दुनिया को भारतीय संस्कृति और उसके मूल्य के बारे मे नसीहत देते हुए विशव के देशों को आगाह किया की प्रकृति की तबाही तो आप लोगो ने की है और जवाब हमसे माँग रहे हो..? और ये भी समझाया की अगर विशव मे पूर्ण स्थाई शांता अगर कोई ला सकता है तो वो सिर्फ भारत भूमी है..बाक़ी तो दुनिया की कमरे भौतिक विकास के नाम पर भयावह तशवीर हमारे सामने है !