फुर्सत नहीं है इंसान को इंसान से मिलने की ख्वाहिशे रखता है दूर बैठे भगवान से मिलने की !

फुर्सत नहीं है

इंसान को इंसान से मिलने की

ख्वाहिशे रखता है

दूर बैठे भगवान से मिलने की ...


===============

*दरिया ने झरने से पूछा


तुझे समन्दर नहीं बनना है क्या..?


झरने ने बड़ी नम्रता से कहा


बड़ा बनकर खारा हो जाने से अच्छा है


छोटा रह कर मीठा ही रहूँ

==================

मन की आंखो से


प्रभु का दीदार करो

दो पल का है अन्धेरा


बस सुबह का इन्तजार करो

छोटी सी है ज़िंदगी बस


हर किसी से प्यार करो..



Image may contain: 1 person, flower




कुछ चीजें समीप जाने पर बगैर मांगे मिल जाती है,

जैसे जल के पास शीतलता, 

वृक्ष के पास छांव, 


अग्नि के पास गर्माहट, 


पुष्प के पास कोमलता, 


चंदन के पास सुगंध।


फिर भगवान् या गुरु से मांगने की बजाये आप 


निकटता बनायेंगे तो सब कुछ अपने आप मिलना

शुरू हो जायेगा *स्नेह वंदन*