सुजीत काका जी ने अखबार में विज्ञापन पढ़ा "अगर आप अपनी पत्नी से परेशान हैं तो वशीकरण के लिए मिलें Panday बाबा जी से...
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काका को लगा कि शायद उनके संघर्षमयी जीवन का अंत समय आ गया है....
उन्होंने ज्योतिष का पता नोट किया...तुरंत फोन पर अपॉइंटमेंट लिया...
नियत समय और दिन उनके घर पहुँच गया....
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दरवाजा खोलने वाली शायद उनकी पत्नी थी...दिव्य मुस्कान लिए उन्होंने काका को बैठक में बिठाया....
काफी देर हो गई...#पांडे बाबा जी आये नहीं....
काका ने कहा - भाभीजी, बाबा जी को और कितनी देर लगेगी..लगता है पूजा में व्यस्त हैं.....
बोली- नहीं नहीं वो बात नहीं....पता नहीं आज क्या हुआ....वैसे तो आजतक कभी भी 15 मिनट से ज्यादा नहीं लगता इन्हें कपड़े धोने में...देख के आती हूँ..
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उनके अन्दर जाते ही काका मायूस क़दमों के साथ वहाँ से खिसक लिया...आखिरी उम्मीद भी टूट गई..
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काका को लगा कि शायद उनके संघर्षमयी जीवन का अंत समय आ गया है....
उन्होंने ज्योतिष का पता नोट किया...तुरंत फोन पर अपॉइंटमेंट लिया...
नियत समय और दिन उनके घर पहुँच गया....
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दरवाजा खोलने वाली शायद उनकी पत्नी थी...दिव्य मुस्कान लिए उन्होंने काका को बैठक में बिठाया....
काफी देर हो गई...#पांडे बाबा जी आये नहीं....
काका ने कहा - भाभीजी, बाबा जी को और कितनी देर लगेगी..लगता है पूजा में व्यस्त हैं.....
बोली- नहीं नहीं वो बात नहीं....पता नहीं आज क्या हुआ....वैसे तो आजतक कभी भी 15 मिनट से ज्यादा नहीं लगता इन्हें कपड़े धोने में...देख के आती हूँ..
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उनके अन्दर जाते ही काका मायूस क़दमों के साथ वहाँ से खिसक लिया...आखिरी उम्मीद भी टूट गई..

Kamlesh Nahar साहब की शादी में जब फेरे लेने की बारी आई तो पहले फेरे के वक्त ही दूल्हा दौड़कर दुल्हन से आगे
निकल गया।,
पंडित जी ने दूल्हे को पीछे रहने को कहा।,
दूसरे फेरे के वक्त दुल्हन आगे हुई तो दूल्हा फिर दौड़कर आगे निकल गया।
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दूल्हा बार-बार ऐसे ही तेजी से दुल्हन के आगे निकल जाता।
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बार-बार ऐसा होता देख दुल्हन के मामा को गुस्सा आ गया और वे बोले, 'यह कैसा दूल्हा है जो फेरे भी ढंग से
नहीं ले सकता। ऐसे यह शादी नहीं हो सकती।',
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दूल्हे के चाचा ने समझाते हुए कहा, 'माफ करना भाईसाहब, दरअसल लड़का राजस्थान लोक परिवाहन का ड्राईवर है इसलिए
इसे ओवरटेक करने की आदत है.