सीख उस समन्दर से.."जो टकराने के लिए पत्थर ढूँढ़ता है !!


एक 'माटी' का 'दिया' है जो..,सारी रात अंधियारे से लड़ता है।
तू तो "भगवान" का 'दिया' है, 
तु किस बात से डरता है।।

हथेली पर रखकर नसीब.."तु क्यों अपना 
मुकद्दर ढूँढ़ता है.."

सीख उस समन्दर से.."जो टकराने के लिए 
पत्थर ढूँढ़ता है.."

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Uday Narayan Singh