कभी हँसते हुए छोड़ देती है" ये ज़िन्दगी!!
कभी रोते हुए छोड़ देती है " ये ज़िन्दगी!!
"न पूर्ण विराम सुख में....
"न पूर्ण विराम दु:ख में...
बस जहाँ देखो वहाँ "अल्पविराम छोड़ देती है ये जिंदगी!!
"प्यार की डोर सजाये रखो !!
"दिल को दिल से मिलाये रखो!!
"क्या लेकर जाना है साथ में इस दुनिया से!!!
"मीठे बोल और अच्छे व्यवहार से
" रिश्तों को बनाए रखो!!
मै दीपक हूँ, मेरी दुश्मनी तो
सिर्फ़ अंधेरे से है,
हवा तो बेवजह ही मेरे
ख़िलाफ़ है!
हवा से कह दो कि खुद को
आज़मा के दिखाए,
बहुत दीपक बुझाती है,
एक जला के दिखाए !!

Uday Narayan Singh
कभी रोते हुए छोड़ देती है " ये ज़िन्दगी!!
"न पूर्ण विराम सुख में....
"न पूर्ण विराम दु:ख में...
बस जहाँ देखो वहाँ "अल्पविराम छोड़ देती है ये जिंदगी!!
"प्यार की डोर सजाये रखो !!
"दिल को दिल से मिलाये रखो!!
"क्या लेकर जाना है साथ में इस दुनिया से!!!
"मीठे बोल और अच्छे व्यवहार से
" रिश्तों को बनाए रखो!!
मै दीपक हूँ, मेरी दुश्मनी तो
सिर्फ़ अंधेरे से है,
हवा तो बेवजह ही मेरे
ख़िलाफ़ है!
हवा से कह दो कि खुद को
आज़मा के दिखाए,
बहुत दीपक बुझाती है,
एक जला के दिखाए !!

Uday Narayan Singh